Namokar Ki Goonj | Jain Bhajan
णमो अरिहंताणं…
णमो सिद्धाणं…
णमो आयरियाणं…
णमो उवज्झायाणं…
णमो लोए सव्व साहूणं…
जहाँ-जहाँ जिनवाणी गूंजे,
वहाँ-वहाँ उजियारा है।
चौबीस तीर्थंकर की महिमा,
जग का सच्चा सहारा है।
सब मिल बोलो,जय जिनेन्द्र…
सब मिल गाओ, जय जिनेन्द्र…
णमोकार की गूंज उठी है, जागा आज जहान रे।
आदिनाथ से महावीर तक, सबको मेरा प्रणाम रे॥
झूमे मनवा, गाए मनवा, जिनवर का गुणगान रे।
मिट जाएँ सब राग-द्वेष, मिले आत्मा की पहचान रे॥
ऋषभदेव ने राह दिखाई, सत्य-अहिंसा की।
नेमि प्रभु ने त्याग सिखाया, मोह-ममता की॥
पार्श्व प्रभु की करुणा बरसे, शांतिनाथ का ध्यान।
चौबीसों तीर्थंकर वंदन, पावन उनका ज्ञान॥
हर धड़कन में है जिनवाणी, हर श्वास में अरिहंत।
भवसागर से पार उतारे, पावन नवकार मंत्र॥
णमो अरिहंताणं…
णमो सिद्धाणं…
णमो आयरियाणं…
णमो उवज्झायाणं…
णमो लोए सव्व साहूणं…
गूंजे रे… गूंजे रे…
णमोकार मंत्र गूंजे रे॥
गूंजे रे… गूंजे रे…
आतम-ज्योति गूंजे रे॥
णमोकार की गूंज उठी है, जागा आज जहान रे।
आदिनाथ से महावीर तक,सबको मेरा प्रणाम रे॥
झूमे मनवा, गाए मनवा, जिनवर का गुणगान रे।
मिट जाएँ सब राग-द्वेष, मिले आत्मा की पहचान रे॥
बाहुबली की तप की गाथा, मन को राह दिखाए।
संयम, समता, आत्मज्योति, जीवन सफल बनाए॥
नहीं किसी से वैर हमारा, नहीं किसी से द्वेष।
जीव-दया का दीप जलाकर, बढ़ें सदा विशेष॥
चलो आत्मा की ओर रे भाई, छोड़ो जग के फेर।
क्षणभंगुर यह माया सारी, सत्य रहे बस एक॥
ज्ञान जगे तो राह मिलेगी, दर्शन देगा साथ।
चरित्र की पावन सरिता से, खुल जाएगा पथ॥
आदिनाथ की जय-जय गूंजे, नेमिनाथ का नाम।
पार्श्वनाथ की करुणा बरसे, महके चारों धाम॥
शांतिनाथ की शीतल वाणी, महावीर का ज्ञान।
चौबीसों तीर्थंकर मिलकर, करते जग कल्याण॥
जय हो चौबीस तीर्थंकर की, जय हो उनके ज्ञान की।
जय हो पावन जिनवाणी की, जय हो आत्मकल्याण की॥
गूंजे नभ में… गूंजे धरा में…
गूंजे हर परिवार में…
णमोकार की गूंज उठी है, जागा आज जहान रे।
आदिनाथ से महावीर तक, सबको मेरा प्रणाम रे॥
झूमे मनवा, गाए मनवा, जिनवर का गुणगान रे।
मिट जाएँ सब राग-द्वेष, मिले आत्मा की पहचान रे॥
जय जिनेन्द्र… जय जिनेन्द्र…
णमोकार की गूंज उठी है… जागा आज जहान रे…
णमो अरिहंताणं… णमो सिद्धाणं…
जय जिनेन्द्र…